ग्राम पटना जिला ललितपुर (उ. प्र.) बुंदेलखंड की माटी के सपूत श्री पं. प्रसन्नाकुमार जैन (मोदी) श्रेष्ठ श्रद्धावान, धार्मिक वृत्ति के श्रावक रहे है | आपके पिता स्व. स्वरूप चंद जी जैन, सदैव सुमन की भांति समाज में अच्छे कार्यों की सुगंध बिखेरते रहे | आप बाल्य काल से ही जैन धर्म के प्रति अटूट श्रद्धावान रहे | इंटर तक लौकिक शिक्षा ग्रहण करने के साथी ही, स्वाध्याय करते-करते जिनवाणी अमृत को भी संचित करते रहे | वर्ष 1918 में स्व. श्री दर्जुलाल जी सिंघाई निवासी टीकमगढ़ (म. प्र.) सुकन्या भगवती देवी के साथ दांपत्य सूत्र में बंधकर व्यस्त जीवन की डगर पर चल पड़े |
आप के सात पुत्र एवं तीन पुत्रियां है | श्री शिखर चंद्र मोदी (होमलाइट), श्री जिनेश कुमार मोदी (बिल्डर्स), श्री सुमेर चंद्र मोदी (अरिहंतसेनेटरी), श्री कैलाश चंद्र मोदी (टिंबर) , श्री संतोष कुमार मोदी (सेनेटरी), स्व. श्री धन्य कुमार जी मोदी (वुडलैंड), एवं विजय कुमार मोदी (मोदी प्लाई), श्री कैलाश चंद्र मोदी गुवाहाटी, एवं इंदौर में कारोबार कर रहे हैं | शेष 6 पुत्र गण मध्यप्रदेश की राजधानी, भोपाल में कर्म क्षेत्र के साथ-साथ धर्म क्षेत्र में भी संलग्न समाज में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाए हुए हैं |
आपकी तीन पुत्रियां - श्री मती पदमा जैन धर्मपत्नी प्रोफेसर एस. सी. किलेदार होशंगाबाद, श्रीमती मालती जैन ध. प. जिनेश कुमार जैन (जे. जे. टायर) भोपाल एवं श्रीमती सुलोचना जैन पत्नी श्री अनिल चौधरी (एडवोकेट) भोपाल के साथ-साथ जीवन यापन कर रही है |
आप एक उच्च कोटि के प्रवक्ता प्रतिष्ठाचार्य रहे हैं | अपने सिल्वर नलवाड़ी (आसाम) एटा (उ. प्र.) राजस्थान एवं मध्यप्रदेश आदि प्रांतों के बड़े-बड़े शहरों अनेकानेक वेदीप्रतिष्ठा, पंचकल्याणक महोत्सव, सिद्धचक्र महामंडल विधान सहजतापूर्वक निर्विघ्न संपन्न कराए | समाज में धर्म की प्रभावना हो, नई पीढ़ी में धर्म के प्रति आस्था बने इसी भावना को आत्म सातकरते हुए आप जीवन पर्यंत जैन दर्शन की शिक्षा जैन पाठशाला एवं प्रवचनो के द्वारा समाज को संस्कार देते रहे | श्रमण संस्कृति के संरक्षक पंडित प्रसन्न कुमार मोदी अपने समस्त सांसारिक कर्तव्य को विराम देकर आत्मचिंतन में लग गए तथा 1983 में निज धाम की ओर प्रस्थान करते हुए महा शून्य में विलीन हो गए | आपके पुत्र श्री विजय कुमार जैन पुत्र वधू श्री मती शर्मिला जैन एवं आयुष और शालवी पौत्र-पौत्री आदि सभी परिवार धार्मिक भावना एवं सदाचरण के संस्कार से संस्कारित है | तो आपके शुभ आशीष का प्रतिफल है |
पुरस्कार प्रदाता- श्री विजय कुमार शर्मिला जैन
276 मोदी प्लाईवुड महाराणा प्रताप नगर, भोपाल (म.प्र.) मो. 0999302769
पुरस्कार राशि - 11000/- प्रशस्ति शाल एवं श्रीफल
पुरस्कार अवधि - प्रतिवर्ष