1. दिगम्बर जैन आम्नाय में आर्ष परम्पर, परम्परा, देव-शास्त्र-गुरु, जैनधर्म, दर्शन व श्रमण संस्कृति का संरक्षण करना।
2. दिगम्बर जैन आर्षमार्गीय साहित्य का प्रकाशन, प्रचार एवं प्रसार करना।
3. आर्षमार्गीय विद्वानों को सम्मानित करना / कराना ।
4. जैन समाज में अंधविश्वास एवं विकृतियों का निरसन करना।
5. नवोदित विद्वानों को प्रशिक्षित कर योग्यता प्रदान करना।